धामी के 2 साल आगे बढ़ता उत्तराखंड : उत्तराखण्ड के स्थानीय उत्पादों को बड़े स्तर पर पहचान दिलाने के उद्देश्य से “एक जनपद दो उत्पाद योजना” की शुरुआत, उत्तराखंड के 27 उत्पादों को जीआई टैग भी मिल चुके हैं
धामी के 2 साल उन्नति की ओर उत्तराखंड : ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ाने के लिये होम स्टे योजना शुरु
पहाड़ों में होम स्टे बनाने पर सरकार 10 लाख रुपये तक की छूट

धामी के 2 साल खिलाड़ियों के अच्छे दिन : उत्तराखंड में नई खेल नीति को लागू कर खिलाड़ियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है
धामी के 2 साल : खिलाड़ियों को 8 से 14 साल तक के खिलाड़ियों को हर महीने 1500 रुपये एवं 14 से 23 साल तक के 2600 मेधावी खिलाड़ियों को 2000 रुपये की छात्रवृत्ति दी जा रही है
एक जनपद दो उत्पाद
• उत्तराखण्ड के स्थानीय उत्पादों को बड़े स्तर पर पहचान दिलाने के उद्देश्य से “एक जनपद दो उत्पाद योजना” की शुरुआत की गई। इस योजना के जरिए प्रत्येक जिले में स्थानीय उत्पादों को व्यावसायिक रूप से बढ़ावा मिल रहा है, उत्तराखंड के 27 उत्पादों को
जीआई टैग भी मिल चुके हैं।
. होम स्टे योजना
• ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ाने के लिये होम स्टे योजना शुरु की गई है। इस योजना के तहत, पर्यटकों के ठहरने के लिए पहाड़ों में होम स्टे बनाने पर सरकार 10 लाख रुपये तक की छूट दे रही है। यह योजना पहाड़ों से पलायन रोकने और रोजगार उपलब्ध कराने के साथ ही पर्यटन को बढ़ावा देने में काफी सफल साबित हो रही है।
. नई खेल नीति
• उत्तराखंड में नई खेल नीति को लागू कर खिलाड़ियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस नीति के तहत ओलंपिक खेल में पदक लाने वाले खिलाड़ियों को ग्रुप-B पद (ग्रेड पे-5400) पर और ओलंपिक खेल में प्रतिभाग करने वाले एवं विश्व चैंपियनशिप, विश्वकप, एशियन खेल एवं राष्ट्रमंडल खेल के पदक विजेता खिलाड़ी को सीधी भर्ती के पदों पर नियुक्ति दी जा रही है।
इसके साथ 8 से 14 साल तक के खिलाड़ियों को शारीरिक टेस्ट और दक्षता के आधार पर हर महीने 1500 रुपये एवं 14 से 23 साल तक के 2600 मेधावी खिलाड़ियों को 2000 रुपये की छात्रवृत्ति दी जा रही है।
