महिला कर्मी ने आईएफएस पटनायक पर लगाये उत्पीड़न के गम्भीर आरोप, मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद आईएफएस सुशांत पटनायक को पद से हटाया गया
सीएम के कड़े निर्देश के बाद प्रमुख सचिव आर के सुधांशु ने कार्रवाई की आईएफएस सुशांत पटनायक को पद से हटाया गया
लिखित शिकायत पर सीएम के निर्देश के बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव आईएफएस सुशांत पटनायक को हटाया
सीएम धामी के विशेष निर्देश के बाद आरोपी आईएफएस को वन मुख्यालय से सम्बद्ध कर दिया गया.
पूरा मामला सीएम दरबार तक पहुँचा सीएम धामी ने तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए। और मुख्य वन संरक्षक सुशांत पटनायक को पद से हटाकर मुख्यालय से सम्बद्ध कर दिया गया

देहरादून।
प्रदेश के एक वरिष्ठ आईएफएस अधिकारी को महिलाकर्मी के उत्पीड़न की सजा मिल गयी। उत्पीड़न की यह कहानी बड़े दरबार तक पहुंची। और सीएम धामी के विशेष निर्देश के बाद आरोपी आईएफएस को वन मुख्यालय से सम्बद्ध कर दिया गया.
गणतंत्र दिवस से ठीक पहले भाजपा नेता की पुत्री के साथ हुई इस घटना के बाद सत्ता के गलियारों में हलचल मच गई।
मिली जानकारी के मुताबिक प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में कार्यरत एक महिला कर्मी ने आईएफएस व सदस्य सचिव सुशांत पटनायक पर छेड़छाड़ व उत्पीड़न की लिखित शिकायत की। शिकायती पत्र में पटनायक पर गंभीर आरोप लगाए गए। कार्यस्थल पर उत्पीड़न से जुड़े गंभीर मामले की पुलिस व शासन के स्तर पर तत्काल मामले की पुष्टि की गई..
वरिष्ठ अधिकारियों ने पूरा मामला सीएम दरबार तक पहुँचाया। सीएम धामी ने तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए। और एकाएक बदले घटनाक्रम के तहत उत्तराखण्ड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव व मुख्य वन संरक्षक सुशांत पटनायक को मुख्यालय से सम्बद्ध कर दिया गया ।
सीएम के कड़े निर्देश के बाद प्रमुख सचिव आर के सुधांशु ने गुरुवार को यह कार्रवाई की। गौरतलब है कि पीड़ित महिला कर्मी भाजपा नेता (अब दिवंगत) के परिवार से ताल्लुक रखती है..
यह आदेश प्रमुख सचिव आर के सुधांशु की ओर से 25 जनवरी को जारी किए गए। वरिष्ठ आईएफएस को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में सदस्य सचिव की जिम्मेदारी भी निभा रहे थे
